'तेजप्रताप यादव ले गए पंखे-कुर्सियां' , सरकारी बंगला खाली करने पर बवाल

'तेजप्रताप यादव ले गए पंखे-कुर्सियां' , सरकारी बंगला खाली करने पर बवाल
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बिहार की सियासत में एक बार फिर आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पूर्व विधायक और जनशक्ति जनता दल के चीफ तेज प्रताप यादव के सरकारी बंगला छोड़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद जब तेज प्रताप यादव ने पटना के 26 एम स्ट्रैंड रोड स्थित अपना सरकारी आवास खाली किया, तो बंगले से पंखे और कुर्सियां तक गायब पाई गईं। हालांकि इन आरोपों पर अब तक तेज प्रताप यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Expelled RJD leader Tej Pratap Yadav says will contest as independent in  Bihar Assembly polls - India Today

जनशक्ति जनता दल के चीफ और पूर्व विधायक तेज प्रताप यादव विधानसभा चुनाव हारने के बाद अब अपना सरकारी आवास छोड़ चुके हैं। उन्होंने पटना के 26 एम स्ट्रैंड रोड स्थित सरकारी बंगला हाल ही में खाली किया है। बतौर विधायक तेज प्रताप यादव इस आवास में रहते थे, लेकिन चुनाव में हार के बाद नियमों के तहत उन्हें यह आवास खाली करना पड़ा। यह बंगला अब बीजेपी कोटे से मंत्री बने लखेंद्र पासवान को आवंटित किया गया है।

सरकारी आवास में प्रवेश करते ही मंत्री लखेंद्र पासवान ने कई गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। लखेंद्र पासवान का आरोप है कि बंगले से पंखे, कुर्सियां, फर्नीचर, एयर कंडीशनर, बल्ब समेत कई सरकारी सामान गायब हैं। उन्होंने दावा किया कि शनिवार (31 जनवरी) को जब वे पहली बार बंगले में दाखिल हुए, तो उसकी हालत देखकर हैरान रह गए। मंत्री के अनुसार बंगले की स्थिति इतनी खराब है कि उसमें रह पाना मुश्किल है।

लखेंद्र पासवान ने कहा कि बंगला पूरी तरह जर्जर हालत में है। छत क्षतिग्रस्त है, कई जगहों पर टूट-फूट साफ नजर आती है और आवास किसी खंडहर जैसा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की सेवा के लिए जो फर्नीचर और सुविधाएं दी जाती हैं, वे सभी सरकारी संपत्ति होती हैं। नियमों के मुताबिक आवास खाली करते समय इन सभी सामानों को यथास्थान छोड़ना अनिवार्य होता है।

मंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पूर्व विधायक तेज प्रताप यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान इन सुविधाओं की मांग की थी, तो अब वे सामान कहां हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी भवन निर्माण विभाग को दे दी गई है और इसकी विधिवत जांच कराई जाएगी।

फिलहाल, लखेंद्र पासवान द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर तेज प्रताप यादव की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि जेजेडी प्रमुख इन आरोपों पर क्या सफाई देते हैं। हालांकि, इन आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।